Haldwani Uttarakhand (10 Best Places Near Haldwani)

Haldwani Uttarakhand नैनीताल जिले के अंदर आता है। हल्द्वानी का नाम हल्द्वानी इसलिए पड़ा क्योंकि एक जमाने में हल्दू के पेड़ों की संख्या अधिक थी जिस वजह से इसका नाम हल्द्वानी पड़ गया।

Haldwani Uttarakhand

इस खूबसूरत शहर को कुमाऊ का प्रवेश द्वार कहा जाता है क्योंकि यहीं से कुमाऊ की पहाड़ियों का रास्ता शुरू होता है यहां पर नदियां घाटियां पहाड़ सभी कुछ देखने को मिल जाते हैं।

Haldwani Uttarakhand की खोज सन 14 वीं शताब्दी में हो गई थी जब चंद वंश के एक शासक ज्ञान चंद्र ने दिल्ली सल्तनत का दौरा करके सुल्तान से अन्न दान के रुप में गंगा तक जितनी भी तराई और भाभर क्षेत्र थे उन्होंने उन्हें प्राप्त किया भाभर वह पहाड़ी हिस्सा होता है जो कि पहाड़ों से सटा होता है और तराई का मतलब यह होता है कि जो भाभर से जुड़ा हो मगर पहाड़ से लगभग 70 किलोमीटर की दूरी पर हूं।

1815 में यहां गोरखो का भी राज रहा परंतु अंग्रेजों के शासन के बाद यहां जॉर्ज विलियम ट्रेन गवर्नर बन के आए जिन्होंने हल्द्वानी हल्द्वानी शहर को बसाने का काम किया 1884 में अंग्रेजो के द्वारा यहां पर रेल का निर्माण किया गया।

जिसके बाद ही हल्द्वानी ने शहर की और अपने पैर अग्रसर करें हल्द्वानी में आने का सबसे अच्छा मौसम सर्दियों व गर्मियों का रहता है।

Best Places to Visit near Haldwani

गोला-बैराज

गोला-बैराज

यह हल्द्वानी में घूमने की सबसे खास जगह है जो कि गोला नदी पर बना है और हल्द्वानी के लोग यहां पर अक्सर घूमने फिरने आते हैं गोला नदी काठगोदाम से होकर गुजरती है।

जहां पर पहाड़ों व नदियों के प्राकृतिक नजारे देखने को मिलते हैं स्थान हल्द्वानी से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और अब यह एक फेमस पिकनिक स्पॉट बन चुका है यहां पर स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटक भी घूमने आते हैं।

शीतला देवी मंदिर

शीतला-देवी-मंदिर, हल्द्वानी

हल्द्वानी का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है शीतला देवी मंदिर जहां पर भक्तों की भीड़ लगी रहती है यहां पर दूर-दराज से श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं यह मंदिर एक छोटी सी पहाड़ी पर स्थित है जो कि हल्द्वानी से लगभग 9 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

यह एक भव्य और प्राचीन मंदिर है यह मंदिर जिस स्थान पर स्थित है वहां पर जाकर लोगों को शांति व सुकून की अनुभूति होती है।

नैनीताल (Nainital)

Nanital

यह हिल स्टेशन हल्द्वानी से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है यह टूरिस्ट प्लेस हल्द्वानी के पास है और ना कि भारत के कोने-कोने से बल्कि विश्व के कोने-कोने से यहां पर्यटक घूमने आते हैं नैनीताल अपने सुहावने मौसम और झीलों के लिए प्रसिद्ध है यहां पर 7 से भी ज्यादा प्रसिद्ध झीलें मौजूद है।

यह हिल स्टेशन अंग्रेजों के जमाने से ही बहुत प्रसिद्ध रहा है गर्मियों के दौरान यहां पर पर्यटकों की बहुत भीड़ आने के कारण यहां पर होटल मिलना भी मुश्किल हो जाता है अगर आप हल्द्वानी घूमने आ रहे हैं तो नैनीताल में घूमना व बोटिंग करना ना भूले।

Corbett Falls

Corbett Falls

दोस्तों हल्द्वानी से लगभग 28 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कॉर्बेट फॉल नामक एक प्राकृतिक झरना है जोकि 60 फीट की ऊंचाई से गिरता है जिसका नजारा बेहद ही शानदार होता है।

यहां पर आप प्रकृति की सुंदरता ,पक्षियों की आवाज व झरने का आनंद ले सकते हैं यहां पर वाटरफॉल में नहाना मना है लेकिन आप यहां के नजारों का आनंद ले सकते हैं।

भीमताल

Bhimtal

हल्द्वानी से लगभग 30 किलोमीटर दूर भीमताल नाम का एक खूबसूरत टूरिस्ट प्लेस है यहां पर भी नैनीताल जैसी सुंदर लेक है यहां पर पर्यटक बोटिंग व water spots के मजे ले सकते हैं।

यहां पर जो प्राकृतिक झील है उसका नाम महाभारत के भीम के नाम पर रखा गया है वोटिंग करते समय जहां की सुंदरता को निहारना पर्यटक को बढ़ा पसंद आता है।

नौकुचियाताल

नौकुचियाताल

यह हल्द्वानी से लगभग 34 किलोमीटर दूर एक शांत झील है यहां इस झील के 9 कोने होने के कारण इस दिल को नौकुचियाताल कहा जाता है यहां पर बहुत वॉटर एक्टिविटीज और एडवेंचर स्पोर्ट्स होते हैं।

अगर आपको थोड़ा शांत जगह पसंद है तो आपको यह जगह बहुत पसंद आएगी और यहां पर रुकने की काफी व्यवस्थाएं अच्छी उपलब्ध है।

कॉर्बेट नेशनल पार्क

Jim corbett national park

हल्द्वानी से लगभग 52 किलोमीटर दूर भारत का प्रसिद्ध कॉर्बेट नेशनल पार्क स्थित है जहां पर आप जंगल सफारी करते हुए कई प्रकार के जंगली जानवरों को देख सकते हैं कॉर्बेट नेशनल पार्क रॉयल बंगाल टाइगर के लिए फेमस है।

कॉर्बेट नेशनल पार्क में कई फिल्मों की शूटिंग हुई थी और यहां तक प्रधानमंत्री जी का एक शो भी सूट हुआ था हल्द्वानी के पास जंगल सफारी करने के लिए यह जगह एकदम बेस्ट है।

मुक्तेश्वर

MUKTESHWAR

हल्द्वानी से लगभग 63 किलोमीटर दूर एक शांत टूरिस्ट प्लेस है मुक्तेश्वर ऊंची ऊंची पहाड़ियों पर स्थित यह स्टेशन प्राकृतिक सुंदरता का एक प्रतीक है इसके अलावा भगवान शिव को समर्पित यहां एक मंदिर मुक्तेश्वर धाम स्थित है।

इस मंदिर के नाम पर ही इस जगह का नाम मुक्तेश्वर पड़ा है यहां पर कई एडवेंचर एक्टिविटीज भी होती हैं जिससे पर्यटक काफी इंजॉय करते हैं।

पंगोट

पंगोट

यह जगह हल्द्वानी से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है पक्षी- प्रेमियों के लिए यह जगह कोई स्वर्ग से कम नहीं है क्योंकि यहां पर डेढ़ सौ से भी ज्यादा पक्षियों की प्रजातियां मौजूद है यहां पर और पर्यटक स्थलों के मुकाबले भीड़ कम रहती है जिसकी वजह से आप आराम से यहां घूम सकते हैं।

यहां पर कई लोग कैंपिंग करते हैं यह प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर ऐसी जगह जहां पर आकर पर्यटकों का दिल खुश हो जाता है।

हेड़ाखान आश्रम

हेड़ाखान आश्रम

यह आश्रम हल्द्वानी से लगभग 40 किलोमीटर दूरी पर स्थित है यहां पर पहले एक बाबा रहा करते थे जिनका नाम हेड़ाखान था यहां पर स्थानीय लोग उन्हें बहुत मानते हैं और उन्हीं के नाम पर इस जगह का नाम है हेड़ाखान पड़ा है।

यहां की शांत घाटी के नजारे बेहद ही सुंदर होते हैं इसलिए पर्यटक यहां के शानदार नजारे देखने व आश्रम में दर्शन करने आते हैं।

FAQs (Haldwani Uttarakhand)

city Haldwani is famous for?

इस खूबसूरत शहर को कुमाऊँ का प्रवेश द्वार कहा जाता है क्योंकि यहीं से कुमाऊँ की पहाड़ियों का रास्ता शुरू होता है यहां पर नदियां घाटियां पहाड़ सभी कुछ देखने को मिल जाते हैं। यह शहर अपनी खुबसुरती के लिए प्रसिद्ध है।

Is Haldwani a hill station?

हल्द्वानी नैनीताल ज़िले में स्थित एक बहुत ही प्यारा Hill Station हैं।

Distance of Haldwani from Almora

हल्द्वानी से अल्मोड़ा लगभग 89 km की दुरी पर स्थित है।

Haldwani naam kyu padha?

हल्द्वानी का नाम हल्द्वानी इसलिए पड़ा क्योंकि एक जमाने में हल्दू के पेड़ों की संख्या अधिक थी जिस वजह से इसका नाम हल्द्वानी पड़ गया।

मेरा नाम Dikshita Rawat है, और मैं उत्तराखंड की रहने वाली हूँ। JankariUttarakhand.com Blog के माध्यम से आप लोग उत्तराखंड से जुड़ी सारी जानकारी प्राप्त कर पाएंगे तथा उत्तराखंड की संस्कृति को और अच्छे से समझ पायेंगे।

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