Kainchi Dham | कैंची धाम मंदिर (नीब करौरी बाबा)

Kainchi Dham मंदिर, Uttarakhand के नैनीताल ज़िले से लगभग 18 किलोमीटर दूर भवाली, अल्मोड़ा हाईवे पर स्थित हैं। यह मंदिर शिप्रा नदी के किनारे तथा खूबसूरत वादियों के बीच में स्थित है।

चमत्कारी मंदिर की श्रद्धा बढ़ती जा रही है। जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। यह मंदिर में नाकि भारत, बल्कि देश विदेश से भी श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते हैं। दोस्तों ऐसा माना जाता है अगर आप यहां दर्शन करने आते हैं तो आपके बिगड़े काम जल्दी बन जाते हैं।

story of kainchi dham

Shri Neeb Karoli Baba (नीब करौरी बाबा) का वास्तविक नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा था। नीब करौरी बाबा एक असाधारण व्‍यक्ति और हनुमानजी के भक्‍त थे। वह तब नीब करौरी नाम के एक गांव के गुफा में रहा करते थे। एक दिन गंगा स्नान जाने के लिए वह गुफा से बाहर निकले थे कि उन्हें एक ट्रेन दिखी महाराज जी का मन ट्रेन से जाने का कर गया। फिर क्या था, ट्रेन एकाएक रुक गई महाराज जी ट्रेन में चढ़ गए लेकिन टिकट ना होने के कारण टीटी ने उन्हें नीचे उतार दिया तब फिर महाराज जी रेल पटरी के बाजू वाले पार्क में जाकर बैठ गए।

टीटी के सिग्नल देते ही ड्राइवर ने ट्रेन चलाने की कोशिश की लेकिन ट्रेन आगे ही नहीं बड़ी यह एक अचंभित कर देने वाली बात थी। ट्रेन आगे ही नहीं बढ़ रही थी ड्राइवर और ट्रेन के दूसरे कर्मचारियों ने ट्रेन को पूरी तरीके से चेक कर लिया लेकिन किसी को भी ट्रेन के ना चलने का कारण समझ नहीं आ रहा था।

तभी यात्री ने कहा कि आपके टीटी ने बाबाजी को नीचे उतार दिया इसी वजह से ट्रेन नहीं चल रही है तभी ट्रेन ड्राइवर और अधिकारियों ने बाबाजी से माफी मांगी और आदर पूर्वक उन्हें ट्रेन में बैठने को कहा और फिर क्या था महाराज जी के बैठते ही ट्रेन आसानी से चलने लगी।

जिस गांव में यह सच्ची घटना हुई उसका नाम ही नीम करौरी है। इस तरह बाबा, नीम करौरी बाबा के नाम से प्रसिद्ध हो गए। नीब करौरी बाबा ने अपने जीवन के अंतिम समय को वृन्दावन में बिताया और उन्होंने 11 सितम्‍बर 1973 को अपना शरीर वृन्दावन के एक आश्रम में त्‍याग दिया।

kainchi dham (नीब करौरी बाबा) kaise pauche

kainchi dham

अगर आप यहां ट्रेन से आना चाहते हैं तो यहां से सबसे पास रेलवे स्टेशन हल्द्वानी काठगोदाम है। और काठगोदाम से कैंची धाम मंदिर लगभग 45 किलोमीटर दूर है। जहां से आपको शेयरिंग टैक्सी मिल जाएगी। जो आपको 100 से 200 रुपए में आराम से पहुचा देगी, और यदि आप बस से जाना चाहते हैं तो आपको काठगोदाम बस स्टैंड से बस मिल जाएगी। जो बस रानीखेत, अल्मोड़ा जाती है वही बस आपको कैंची धाम मंदिर पहुचा देगी।

आप रेलवे स्टेशन से प्राइवेट टैक्सी भी बुक कर सकते है। जिसमे आपसे आने जाने के लिए 1800 से 2000 रुपये लेते हैं। बहुत से लोग पहले नैनीताल जाके फिर कैंची धाम मंदिर घूमने जाते हैं, आप चाहें तो वैसा भी कर सकते हैं।

नैनीताल से भी आपको प्राइवेट टैक्सी मिल जाएगी | वही आगर आप टूर टैक्सी से घूमना चाहते हैं तो आप प्राइवेट टैक्सी काठगोदाम से ले सकते हैं। यह टैक्सी आपको भीमताल, नैनीताल और कैंची धाम मंदिर कवर कराते है। और इसमें आपको 4000 से 5000 तक चार्ज लेते हैं, और अगर आप इसमें होटल भी कराते है तो आपसे इसके अलग चार्ज लिए जाते हैं।

अगर आप दो लोग हैं तो आप प्राइवेट स्कूटी और बाइक भी 500 से 600 रुपए में प्रतिदिन के हिसाब से ले सकते हैं। जिसमें आपको पेट्रोल अलग से डलवाना पड़ता है। अगर आप यहां अपनी खुद की कार से आना चाहते हैं तो आप यहां सीधे नैनीताल होकर भी आ सकते हैं या फिर आप सीधे कैंची धाम मंदिर भी आ सकते हैं। मंदिर से थोड़ी दूर पर ही पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है जहां पर आप अपनी कार को पार्क करके कैंची धाम मंदिर के दर्शन कर सकते हैं।

नीब करौरी बाबा के द्वारा किए गए चमत्कार

नीब करौरी बाबा inside view

नीब करौरी बाबा को लोग महाराज जी भी कहते हैं। बाबा जी बहुत ही चमत्कारी थे। उन्हें हनुमान जी की भी सिद्धि प्राप्त थी। उनके भक्त बताते हैं कि वे हनुमान जी से भी बात किया करते थे और अपने भक्तों को रोज कुछ ना कुछ चमत्कार दिखाया करते थे। उन्हें महज 17 साल में ज्ञान की अनुभूति हुई थी। विदेश से आने वाले लोग भी महाराज जी के भक्त बन जाया करते थे वह अपना नाम कभी रामदास, कृष्ण -दास और लक्ष्मण दास इस तरह से बदल लिया करते थे।

पहला चमत्कार

नीम करौरी बाबा जी के पास एक व्यापारी आया बाबाजी ने उनसे आश्रम के लिए उपयोग होने वाली ईटों का दान माँगा लेकिन वह व्यापारी बड़ा ही कंजूस था और उसने महाराज जी को यह कहकर मना कर दिया कि उसके पास कोई भी धन-संपत्ति नहीं है।

ऐसा कहकर जब वह अपनी दुकान वापस गया तो उसने देखा कि उसकी दुकान में भयंकर आग लग रही है तो वह तुरंत ही बाबा के पास वापस गया और बाबा जी से विनती करने लगा कि मेरी रक्षा कीजिए मेरी दुकान में आग लग गई है।

फिर बाबा जी ने बोला कि तुमने तो कहा था कि तुम्हारी कोई धन संपत्ति नहीं है तब व्यापारी ने अपनी गलती की क्षमा मांगी और कहा कि मैं झूठ बोल रहा था बाबा जी ने हंसकर कहा परंतु तुम अभी भी झूठ बोल रहे हो क्योंकि तुम्हारी दुकान में कोई आग नहीं लगी है। जब वह व्यक्ति अपनी दुकान के पास वापस गया तो वहां कोई भी आग नहीं लगी थी।

दूसरा चमत्कार

एक बार एक व्यक्ति महाराज जी के लिए संतरे लेकर आया। उस व्यक्ति ने बहुत सारे संतरे बाबाजी के सामने पड़ी टोकरी पर रख दिए। महाराज जी वहां पर खड़े सभी लोगों को संतरे बांटने लगे और देखते ही देखते उन्होंने 48 संतरे लोगों में बांट दिए परंतु चौंकाने वाली बात यह थी कि वह व्यक्ति केवल 8 संतरे लाया था। लेकिन महाराज जी ने वहां मौजूद सभी लोगों में बहुत संतरे बांट दिए।

तीसरा चमत्कार

एक बार महाराज जी का एक भक्त आगरा से कैंची धाम आया और वह ट्रेन से कोलकाता जाने वाला था वह बाबा के समीप बैठा था। उसने महाराज जी को बताया कि वह शाम को ट्रेन से कोलकाता जाने वाला है। तभी बाबा जी ने उसे जाने से रोक दिया वह बहुत चिंता में पड़ गया। लेकिन बाबा जी की बात मानकर वह ट्रेन से कोलकाता नहीं गया दूसरे दिन अखबार में उसने अखबार में उसी ट्रेन के एक्सीडेंट के बारे में पढ़ा तो वह महाराज जी के चरणों में जा गिरा।

चौथा चमत्कार

जब नीब करौरी बाबा ने अपने आपको अनंत में विलीन करके अपने प्राण त्याग दिए तो उनका दाह संस्कार किया गया। तब महाराज जी का एक भक्त उनकी चिता में बैठकर श्री राम जय राम जय जय राम का भजन रात भर करता रहा। सुबह उसने सभी को बताया कि उसे नीब करौरी बाबा बैठे हुए दिख रहे थे। और उनके एक तरफ भगवान श्रीराम व दूसरी तरफ महादेव थे। जो उनके ऊपर सभी देवी देवताओं के साथ मिलकर फूलों की वर्षा कर रहे थे।

kainchi dham रुकने के लिए hotel या aashram कैसे लें

ज्यादातर लोग यहां पर दर्शन करने के बाद सीधा ही इस स्थान से चले जाते हैं। लेकिन अगर आप यहां पर रुकना चाहते हैं तो आप रुक भी सकते हैं। मंदिर के निकट ही आपको बहुत से Hotel or Restaurant मिल जाएंगे। जहां पर आप 600 से लेकर 1500 रुपए में एक रूम ले सकते हैं।

इन Room stay में कार पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध है। वैसे तो इस मंदिर में कोई प्रसाद या भोग नहीं चढ़ाया जाता है। परंतु अगर आप अपनी श्रद्धा अनुसार कोई सामग्री चढ़ाना चाहे तो आप मंदिर के पास स्थित दुकानों से आप प्रसाद ले सकते हैं।

Kainchi Dham | कैंची धाम मंदिर (नीब करौरी बाबा)

यहां पर आप सबसे पहले मां वैष्णो देवी के दर्शन करेंगे फिर महादेव के और उसके बाद आप हनुमान जी के दर्शन करेंगे। मंदिर में छोटे-छोटे अन्य देवी देवताओं के भी मंदिर बने हुए हैं, और आगे बढ़ते हुए नीब करौरी महाराज जी की समाधि के दर्शन भी कर सकते हैं। जहां पर आप उन्हें कंबल भी चढ़ा सकते हैं।

इसके बाद आप गुरु माता व विंध्यवासिनी माता के दर्शन भी करेंगे। मंदिर परिसर में आपको शांति का अनुभव मिलेगा। यहां पर आकर आपको काफी अच्छा लगेगा। अगर आप यहां पर मंगलवार को आ रहे हैं, तो आप यहां पर हनुमान जी की वंदना कर सकते हैं।

मंदिर के पास ही आपको शिप्रा नदी देखने को मिल जाएगी। यह मंदिर ऊंचे ऊंचे पहाड़ों के बीच में स्थित है जिससे यहां का नजारा और भी सुंदर हो जाता है यहां का शांतिप्रिय वातावरण आपको एक अलग ही सुकून देगा।

Kainchi Dham, मंदिर परिसर के पास ही आपको छोटी-बड़ी सभी प्रकार की दुकानें मिल जाएंगी जिसने आप अपना भोजन ग्रहण कर सकते हैं। यहां आने के लिए आपको ज्यादा पैसों की जरूरत नहीं पड़ेगी यहां के लिए आपका बजट 1000 से 2000 तक भी हो तो आप यहां दर्शन करने आ सकते हैं।

Kainchi dham कौन सी नदी के किनारे स्थित है ?

Kainchi dham, शिप्रा नदी के किनारे तथा खूबसूरत वादियों के बीच में स्थित है।

कैंची धाम स्थापना दिवस कब हैं ?

हर वर्ष 15 जून को कैंची धाम में मंदिर का स्थापना दिवस मनाया जाता है।

नीब करौरी बाबा ने अपने जीवन का अंतिम समय कहाँ वयतीत किया ?

नीब करौरी बाबा ने अपने जीवन के अंतिम समय को वृन्दावन में बिताया और उन्होंने 11 सितम्‍बर 1973 को अपना शरीर वृन्दावन के एक आश्रम में त्‍याग दिया।

क्या kainchi dham में प्रसाद चढ़ा सकते हैं ?

वैसे तो इस मंदिर में कोई प्रसाद या भोग नहीं चढ़ाया जाता है। परंतु अगर आप अपनी श्रद्धा अनुसार कोई सामग्री चढ़ाना चाहे तो आप मंदिर के पास स्थित दुकानों से आप प्रसाद ले सकते हैं।

मेरा नाम Dikshita Rawat है, और मैं उत्तराखंड की रहने वाली हूँ। JankariUttarakhand.com Blog के माध्यम से आप लोग उत्तराखंड से जुड़ी सारी जानकारी प्राप्त कर पाएंगे तथा उत्तराखंड की संस्कृति को और अच्छे से समझ पायेंगे।

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